वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 | Wednesday, 28 October 2026
|
संपर्क: vaamkiaawaz@gmail.comसदस्यता में
वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
लाइव कवरेज
होमताज़ा खबरेंराज्य

वाम की आवाज़

जन समाचार मंच

राज्य

चोरबगान में हुई मार्मिक दुर्घटना: सीपीआई(एम) के सभी पार्टी कार्यालयों और बुक स्टालों पर आज शोक मनाया जाएगा- मोहम्मद सलीम

अपराजिता•18 अक्टूबर 20262 मिनट पठन15 बार पढ़ा गया
रविवार को राज्य भर में सीपीआई(एम) के सभी पार्टी कार्यालयों और बुक स्टालों पर शोक मनाया जाएगा।

प्रशासन तुरंत सही जानकारी दे, आज हर जगह शोक मनाया जाएगा— चोरबगान की घटना पर बोले मोहम्मद सलीम

चोरबगान में हुई दुर्घटना की मार्मिक तस्वीर

पीड़ित इंसानों की मदद के लिए स्थानीय लोग जिस तरह आगे आए हैं, वह बेहद प्रशंसनीय है। यह आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है। लेकिन कई लोगों ने शिकायत की है कि पुलिस-प्रशासन मौके पर नहीं मिला। अब सरकार को चाहिए कि वह तुरंत परिजनों को सही जानकारी दे, वरना कई लोगों की चिंता और बढ़ जाएगी।

उत्तरी कोलकाता के चोरबगान की एक मर्मस्पर्शी घटना के संदर्भ में सीपीआई(एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने यह बात कही।

मोहम्मद सलीम ने कहा कि रविवार को राज्य भर में सीपीआई(एम) के सभी पार्टी कार्यालयों और बुक स्टालों पर शोक मनाया जाएगा।

चोरबगान में एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से कम से कम 18 दर्शकों की मौत हो गई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। घायल अवस्था में करीब 40 लोग मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।

मोहम्मद सलीम ने कहा कि स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई बीमार लोगों की मदद की है और दूर-दराज से आए कई लोगों को संकट के समय सहायता पहुंचाई है, उनका धन्यवाद।

इसके साथ ही उन्होंने पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है। सलीम ने कहा कि यूँ ही बल (मैनपॉवर) की कमी है। उत्सव के समय लोगों को शामिल होने का आह्वान किया जाता है, जिसके लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। भीड़ होती है और यातायात की समस्या रहती है। ऐसे में एक हिस्से को बुक स्टाल तोड़ने के काम में लगाया जा रहा है। कुछ लोग वीवीआईपी की सुरक्षा देने में व्यस्त हो रहे हैं। पुलिस को यह तय करना होगा कि कोई अन्य अनहोनी न हो, इसके लिए पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

सलीम ने कहा कि उत्सव के समय बहुत से लोग बाहर निकले हैं। चोरबगान की घटना में मृतकों और घायलों की संख्या कितनी है, इसकी निश्चित जानकारी प्रशासन को तुरंत परिजनों तक पहुँचानी चाहिए, अन्यथा कई और लोग आशंकाओं के साये में जीने को मजबूर होंगे।

.

.

साभार: बांग्ला गणशक्ति डिजिटल

क्या यह लेख उपयोगी था?

टिप्पणियाँ

0

अपनी राय साझा करें

टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं...

चोरबगान में हुई मार्मिक दुर्घटना: सीपीआई(एम) के सभी पार्टी कार्यालयों और बुक स्टालों पर आज शोक मनाया जाएगा- मोहम्मद सलीम

प्रकाशित: 18 अक्टूबर 2026 • 2 मिनट पठन

वाम की आवाज़|जन समाचार मंच
विज्ञापन

शेयर करें

सबसे ज्यादा पढ़ी गईं

1

‘अपने घेरे से बाहर: विचारों की रचनात्मक दुनिया के साथ’ - मोहम्मद सलीम

364 क्लिक

2

'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़

363 क्लिक

3

'उत्तम कुमार': एक नक्षत्र का अस्त हो जाना ~ 'सत्यजीत राय'

339 क्लिक

4

दानवीय नियम लाकर कर्मचारियों के अधिकार छीन रही राज्य सरकार

334 क्लिक

5

नीट पेपर लीक कांड : केंद्र सरकार की गंभीरता पर '?' है। - केशव भट्टड़

330 क्लिक

विज्ञापन

संसाधन

शहीद ए आजम भगत सिंह के विचार - संकलनकर्ता श्रेया जायसवाल (PDF)

'तुम्हारी क्षय' - राहुल सांकृत्यायन (PDF)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (Link)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (PDF)

सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल की वेब साइट (बांग्ला) (Link)

भाजपा क्यों है जनता की दुश्मन ? (PDF)

द लेफ्ट व्यूज - द पीपल्स लेंस (अंग्रेजी) (Link)

क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा (PDF)

पुरानी फिल्मों में होता था संदेश - सीताराम येचुरी (Link)

मैं नास्तिक क्यों हूँ ? - शहीद-ए-आजम भगतसिंह (PDF)

वाममोर्चा घोषणापत्र। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 (PDF)

मार्क्सवादी पथ पत्रिका (बांग्ला) (Link)

अभियान कैलेंडर

किताबों के लिए पदयात्रा - बुक-स्टॉल और किताबों पर बर्बर हमले के खिलाफ पुस्तक प्रेमियों की पुकार पर

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 • 15:00 | विद्यासागर मूर्ति, कॉलेज स्क्वायर , कोलकाता

जुड़े रहने के लिए

रोज़ शाम 7 बजे प्रमुख खबरें सीधे आपके ईमेल पर।

सदस्यता लें
इस लेखक से और
सभी देखें →
अतिथि लेखन

गंगा काट रही है जमीन, उजड़ रहा संसार, खो रहा बचपन! : अबिन मित्र

मालदा का गंगा का कटाव केवल नदी के तट के टूटने की घटना नहीं है। यह इंसानों के सपने टूटने का इतिहास, जड़ें उखड़ने की पीड़ा और अपनी ही जन्मभूमि पर परवासी बन जाने की एक निर्मम कहानी है। यहाँ जब गंगा टूटती है, तो केवल मिट्टी का एक टुकड़ा पानी में नहीं समा जाता, बल्कि एक परिवार की कई पीढ़ियों की यादें, एक बच्चे का सुरक्षित बचपन और एक माँ के अपने परिवार को सहेज कर रखने का आखिरी आशियाना भी ढह जाता है।

कुछ घंटे पहले

राज्य

" लोगों से डरते हैं, इसीलिए मतदाता सूची से नाम काट देते हैं " - मोहम्मद सलीम

आरएसएस की किताब से पन्ने फाड़कर चुनाव आयोग ने एसआईआर (SIR) किया है। मतदाता सूची से कमजोर और गरीब लोगों के नाम हटाए गए हैं। अल्पसंख्यकों के नाम हटाए गए हैं। हम वामपंथियों ने बार-बार राज्य में इस एसआईआर प्रक्रिया का विरोध किया है।अब जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। इस अन्याय की जिम्मेदारी लेनी होगी।

कुछ घंटे पहले

अतिथि लेखन

अस्थिर अरुणाचल, मीडिया खामोश!- अबिन मित्र

अरुणाचल प्रदेश का सियांग सिर्फ एक नदी का नाम नहीं है। यह इस बात की याद दिलाता है कि विकास किसके लिए है, फैसले कौन ले रहा है, और इसकी सबसे बड़ी कीमत किसे चुकानी पड़ रही है? क्या प्रगति के नाम पर जल-जमीन-जंगल के अधिकार छीन लिए जाएंगे? क्या तरक्की के नाम पर आदिवासियों का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा? क्या सियांग के लोगों की आवाज आखिरकार बाँध के रुके हुए पानी में हमेशा के लिए डूब जाएगी? या फिर देश के लोग इस खामोशी की दीवार को तोड़ेंगे?

26 अक्टूबर 2026

और पढ़ें
सभी देखें →
राज्य

'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़

पश्चिम बंगाल का राजनीतिक आकाश आज दो ध्रुवों — टीएमसी और भाजपा — के बीच आपसी वोट लाभ के लिए कुटिल योजना से फँसा दिया गया है। SIR , दबंगता, झूठ और पैसे के दम पर लोकतंत्र के अपहरण की पूरी तैयारी है। एक तरफ है राज्य सत्ता की मशीनरी, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की संस्कृति। दूसरी तरफ है केंद्र का SIR अटैक, सांप्रदायिक विभाजन, संस्थाओं पर नियंत्रण और विकास के नाम पर ध्रुवीकरण की राजनीति। दोनों ही दल पूंजीवादी-नवउदारवादी मॉडल पर टिके हुए हैं, जो आर्थिक असमानता को बढ़ावा देते हैं, पर्यावरण की उपेक्षा करते हैं और केवल मुनाफे को प्राथमिकता देते हैं। इन नीतियों के कारण किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाओं सहित आम नागरिकों की आवाज दब रही है, उनकी चिंताएं उपेक्षित हो रही हैं और उनके हितों को नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन लेफ्ट फ्रंट न तो केवल टीएमसी का विकल्प है और न ही केवल भाजपा का। यह उससे कहीं ज्यादा हैं। लेफ्ट फ्रंट एक स्वतंत्र वैचारिक शक्ति है जो न सत्ता की लूट को बढ़ावा देती है और न ही धर्म के नाम पर समाज को बाँटती है। टीएमसी और भाजपा के भ्रष्टाचार तथा सांप्रदायिक कोलाहल से पूरी तरह अलग, लेफ्ट फ्रंट तीसरा रास्ता प्रस्तुत कर रहा है — लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित एक प्रगतिशील भविष्य का रास्ता, जिसका नाम है “लेफ्ट फॉर फ्यूचर”।

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026

राज्य

दानवीय नियम लाकर कर्मचारियों के अधिकार छीन रही राज्य सरकार

सोशल मीडिया पर समाज के सभी वर्गों के लोग भाजपा सरकार के इस दिशा-निर्देश को लेकर गुस्सा जताने लगे हैं। सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और सिंडिकेट को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' नीति के साथ काम शुरू करने का वादा करने वाली सरकार अचानक कर्मचारियों के पीछे क्यों हाथ धोकर पड़ गई है?

श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

राज्य

राष्ट्र तुम किसके हो ? - शमीक लाहिड़ी

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।

श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026

वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़

अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ, न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !

मुख्य पन्ने
जानकारी
हमारे बारे में
संपादकीय नीति
सुधार नीति
गोपनीयता नीति
संपर्क करें
आर्काइव
अभियान कैलेंडर आर्काइव
© 2026 वाम की आवाज़ — जन संघर्ष का डिजिटल पुरालेखMade for the Movement