सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
मोहम्मद सलीम
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
मुखौटा हट गया है, अब लड़ाई असली चेहरे से है - मोहम्मद सलीम
तृणमूल कांग्रेस नाम का मुखौटा हटाकर आरएसएस का असली चेहरा सामने आ गया है। मुखौटा अब असली चेहरे से मिल रहा है। अब लड़ाई असली चेहरे से ही है। यह लड़ाई वामपंथ बनाम उग्र दक्षिणपंथ की है। माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने मंगलवार को दो जनसभाओं में यह टिप्पणी करते हुए कहा कि इस लड़ाई में वामपंथ ही जीतेगा। उन्होंने गरीब और मेहनती लोगों के खून-पसीने से बने उस लाल झंडे के संघर्ष को मजबूत करके इस राज्य की धरती पर फिर से एक नया इतिहास रचने का आह्वान किया।
मंगलवार को मटियाबुर्ज इलाके के बड़तला रेललाइन मोड़ पर आयोजित एक जनसभा में मोहम्मद सलीम ने भाषण दिया। इसके बाद, उसी दिन माकपा की कोलकाता पोर्ट-2 एरिया कमेटी के तत्वावधान में धानखेती बाजार के पास के इलाके में भी एक जनसभा में मोहम्मद सलीम ने अपनी बात रखी। दोनों जनसभाओं में उन्होंने कहा कि आरएसएस ने ममता बनर्जी को प्रोजेक्ट करके और इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस नाम की पार्टी बनाकर सत्ता की गद्दी पर बैठने की जो रणनीति बनाई थी, धीरे-धीरे नकली विरोध का नाटक करते हुए आखिरकार वह चाल सफल हो गई है। आरएसएस के निर्देश पर बीजेपी को सत्ता के दायरे में लाने की जो कोशिश पिछले 15 सालों से चल रही थी, उसके सफल होते ही तृणमूल कांग्रेस अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर बीजेपी में ही विलीन हो रही है।
सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे। हमलों और मुकदमों के जरिए हमें दबाया नहीं जा सका है। नीति और विचारधारा के बल पर हमारी लड़ाई और आगे बढ़ रही है।
मोहम्मद सलीम ने आज राज्य की वर्तमान सरकार की जनविरोधी, कॉर्पोरेट और पूँजीपति तुष्टिकरण की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि लूटखसोट करने वालों के खिलाफ शोषितों की लड़ाई जारी रहेगी। गरीब हाकरों की रोजी-रोटी छीनने और लोगों के अधिकार व लोकतंत्र को नष्ट करने के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस फासीवादी, निरंकुश ताकत के खिलाफ वामपंथियों को ही लोगों को एकजुट करके लड़ाई और संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। मजदूर वर्ग आज इस निरंकुशता के खिलाफ एकजुट हो रहा है।
सभा में माकपा कोलकाता जिला सचिव कल्लोल मजुमदार ने कहा कि इस राज्य में मेहनती लोगों के हितों के लिए असली लड़ाई माकपा और वामपंथी ही लड़ रहे हैं। लोगों के हितों के लिए वामपंथियों के इस संघर्ष से घबराकर तृणमूल और बीजेपी, दोनों पार्टियों ने मिलकर तरह-तरह के भाषाई विभाजन की राजनीति के जरिए लोगों को समान रूप से गुमराह किया है। धर्मनिरपेक्षता की इस देश की परंपरा को तोड़कर, संविधान को नष्ट करके विभाजन और नफरत की गंदी राजनीति से लोगों की एकता और सद्भाव को नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने इस कुप्रयास के खिलाफ लोगों से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।
नेताओं ने कहा कि कोलकाता कॉर्पोरेशन के अस्थिर माहौल के कारण नागरिक सेवाएं और अधिक बदहाल न हों, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। महंगाई के चंगुल में फंसकर गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन जीना दूभर हो गया है। आज की इस सभा से मूल्य वृद्धि पर तुरंत नियंत्रण लाकर आम लोगों का जीवनयापन सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। सभा का संचालन मोहम्मद जाकिर मोल्ला ने किया। मटियाबुर्ज की जनसभा में मणिरुल इस्लाम सहित अन्य नेताओं ने भी भाषण दिया।
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साभार:बांग्ला दैनिक गणशक्ति
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